शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

फेसबुक पर फतवा

िमस्र के एक बहुत बड़े मौलवी साहब शेख्न अब्देल हमीद अल.अत्रास ने ताजातरीन फरमान फतवे के रूप में यह जारी किया है कि मुसलमानों को फेसबुक जैसे नेटवकिर्ंग साईट का इस्तेमाल नहीं करना चािहए। यह इस्लाम के िवरूद्ध है आैर इन साईटों का इस्तेमाल करने वालों को गुनहगार समझा जाना चािहए। मौलवी साहब का कहना है कि आंकडों के मुतािबक   फेसबुक आैर इस जैसे नेटवकिर्ंग साईट के प्रचलन के बाद से तलाक के मामले काफी बढ गए हैं आैर बेवफाई के मामलों में भ्ी काफी इजाफा हुआ है। हांलाकि वो फेसबुक के जिरए इस्लाम का प्रचार.प्रसार के पक्ष में हैं लेकिन इससे आगे इसका इस्तेमाल गैरइस्लामी करार देते हैं।
वैसे उनकी यह बात  कम िदलचस्प नहीं कि शौहर के काम पर िनकल जाने के बाद बीबी घ्ार में आनलाईन आिशकी फरमाती हैं आैर सीधे सीधे शरीया का उल्लंघ्न करती है। आंकड़ों के मुतािबक िमस्र में होने वाले पांच तलाक में से एक मामले में  सीधे तौर पर फेसबुक का हाथ् होता है।

चलते चलते
तुकी के एक गांव में 16 साल की एक लड़की को महज इसिलए अपने ही परिवार वालों के द्वारा  जिंदा दफन दिया गया क्योंकि उसने लड़कों से बात करने की हिमाकत की  थ्री।

6 टिप्‍पणियां:

  1. KHOJ KAR LATE RAHE HAMARE LIYE ISE DILCHASB BATE OR JAN SAKTE P&L FOR NET

    SHEKHAR KUMAWAT

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  2. आज ही आपके ब्लॉग पर आना हुआ बहुत अच्छा लगा......अभिवादन !!
    अन्य ब्लॉग को भी पड़ प्रतिक्रिया व्यक्त करे ......
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

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  3. मेरा हौसला बढाने के लिए बहुत बहुत शुकि्या!आगे भी इसी तरह मेरी
    हौसलाआफजाई करते रहेंगे यही उम्मीद करती हंू। आप सभी के सुझावों और मार्गदर्शन से मुझे बहुत मदद मिली है। आप सभी यूं ही अपना स्नेह बनाए रखें।

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  4. मनोरमा जी माफ़ी चाहूँगा आप के ब्लॉग पर लेट आ पाया हूँ थोडा व्यस्त था ,, चलिए आप का एक बार फिर स्वागत करते है ....इस खबर को लिख कर बहुत ही संवेदन शील मुद्दा उठा दिया आप ने ,,,, मै तो चुप ही रहूँ तो ठीक है ,,,
    सादर
    प्रवीण पथिक
    9971969084

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