िमस्र के एक बहुत बड़े मौलवी साहब शेख्न अब्देल हमीद अल.अत्रास ने ताजातरीन फरमान फतवे के रूप में यह जारी किया है कि मुसलमानों को फेसबुक जैसे नेटवकिर्ंग साईट का इस्तेमाल नहीं करना चािहए। यह इस्लाम के िवरूद्ध है आैर इन साईटों का इस्तेमाल करने वालों को गुनहगार समझा जाना चािहए। मौलवी साहब का कहना है कि आंकडों के मुतािबक फेसबुक आैर इस जैसे नेटवकिर्ंग साईट के प्रचलन के बाद से तलाक के मामले काफी बढ गए हैं आैर बेवफाई के मामलों में भ्ी काफी इजाफा हुआ है। हांलाकि वो फेसबुक के जिरए इस्लाम का प्रचार.प्रसार के पक्ष में हैं लेकिन इससे आगे इसका इस्तेमाल गैरइस्लामी करार देते हैं।
वैसे उनकी यह बात कम िदलचस्प नहीं कि शौहर के काम पर िनकल जाने के बाद बीबी घ्ार में आनलाईन आिशकी फरमाती हैं आैर सीधे सीधे शरीया का उल्लंघ्न करती है। आंकड़ों के मुतािबक िमस्र में होने वाले पांच तलाक में से एक मामले में सीधे तौर पर फेसबुक का हाथ् होता है।
चलते चलते
तुकी के एक गांव में 16 साल की एक लड़की को महज इसिलए अपने ही परिवार वालों के द्वारा जिंदा दफन दिया गया क्योंकि उसने लड़कों से बात करने की हिमाकत की थ्री।